हरियाणा में ग्रुप डी भर्ती की दोबारा होगी जांच: हाई कोर्ट ने सोशियो इकोनॉमिक मार्क्स को बताया गलत
चंडीगढ़: हरियाणा में ग्रुप डी भर्ती प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। हाई कोर्ट चंडीगढ़ ने सोशियो इकोनॉमिक मार्क्स को गलत बताते हुए भर्ती की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। जिन छात्रों का चयन इन 5 अंकों को मिलाकर हुआ है, उनकी दोबारा जांच की जाएगी।
कोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर ग्रुप डी की परीक्षा को फिर से आयोजित किया जा सकता है। इसके साथ ही, विधानसभा चुनावों तक चयन प्रक्रिया को रोका भी जा सकता है।
इस आदेश के बाद, राज्य के शिक्षा और भर्ती विभाग में हलचल मच गई है। अधिकारी इस पर विचार कर रहे हैं कि जांच प्रक्रिया को कैसे निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाए।
छात्र और उनके अभिभावक इस फैसले को लेकर चिंतित हैं, लेकिन वे उम्मीद कर रहे हैं कि इससे भर्ती प्रक्रिया में सुधार होगा और योग्य उम्मीदवारों को ही मौका मिलेगा।
सरकार ने कहा है कि वे हाई कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे और भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से पूरा करेंगे। इस बीच, छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें।
छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं:
इस फैसले से कई छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। वे अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि इस जांच के बाद सही उम्मीदवारों का चयन हो सकेगा। कई छात्रों ने यह भी कहा कि अगर परीक्षा दोबारा होती है, तो वे इसके लिए तैयार हैं, लेकिन यह प्रक्रिया जल्दी पूरी होनी चाहिए ताकि उनके करियर में कोई बाधा न आए।
सरकार का रुख:
राज्य सरकार ने कहा है कि वे हाई कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे और भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से पूरा करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होगी और योग्य उम्मीदवारों को ही अवसर मिलेगा। सरकार ने यह भी कहा कि वे जल्द ही एक नई योजना तैयार करेंगे, जिससे इस प्रकार की समस्याओं का समाधान हो सके।
अधिकारी की प्रतिक्रियाएं:
भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों ने बताया कि वे कोर्ट के आदेश के बाद सभी संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की दोबारा जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी, और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य की दिशा:
इस पूरी प्रक्रिया के बाद, उम्मीद है कि हरियाणा में ग्रुप डी की भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। सरकार और अदालत दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी कोई भी अनियमितता न हो और छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।
इस मामले की निगरानी अब उच्च स्तर पर की जा रही है और सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द और निष्पक्ष तरीके से पूरा करें।
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