हरियाणा में फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी को ऑफलाइन करने की संभावना: मंत्री बनवारी का बयान
हरियाणा में डिजिटल भारत अभियान के तहत कई सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है, जिनमें फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी प्रमुख हैं। इन सेवाओं का उद्देश्य जनता को बेहतर और सुलभ सेवाएं प्रदान करना है। हाल ही में, हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री बनवारी लाल ने यह घोषणा की है कि राज्य सरकार फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी को ऑफलाइन करने पर विचार कर रही है। इस घोषणा ने जनता और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
डिजिटल सेवाओं की वर्तमान स्थिति
फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी पोर्टल्स को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जनता की सुविधा के लिए शुरू किया था। इन पोर्टल्स के माध्यम से नागरिक अपनी फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी को ऑनलाइन जाँच और अपडेट कर सकते हैं। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र नागरिकों तक पहुँचाना और भ्रष्टाचार को कम करना था।
मंत्री बनवारी का बयान
मंत्री बनवारी लाल ने अपने बयान में कहा कि सरकार जनता की सुविधा को सर्वोपरि मानते हुए इन सेवाओं को ऑफलाइन करने की योजना पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही है। इसीलिए, यह कदम उठाया जा रहा है ताकि वे आसानी से अपनी फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी प्राप्त कर सकें।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने इस घोषणा का स्वागत किया है और कहा है कि यह कदम बहुत पहले ही उठाया जाना चाहिए था। कांग्रेस ने अपनी सरकार बनने के बाद इन सेवाओं को ऑफलाइन करने की घोषणा की थी, लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मौजूदा सरकार इस दिशा में कितनी तेजी से काम करती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि डिजिटल सेवाओं के बजाय, ऑफलाइन सेवाएं अधिक सुलभ और पारदर्शी होंगी।
जनता की प्रतिक्रिया
इस घोषणा के बाद, जनता में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों का मानना है कि डिजिटल सेवाओं से भ्रष्टाचार कम हुआ है और सेवाएं अधिक पारदर्शी हो गई हैं। वे इन सेवाओं को जारी रखने के पक्ष में हैं। वहीं, कई ग्रामीण और वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि वे डिजिटल तकनीक से पूरी तरह से परिचित नहीं हैं और उनके लिए ऑफलाइन सेवाएं ही सही हैं।
संभावित चुनौतियाँ
फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी को ऑफलाइन करने में कई चुनौतियाँ भी हो सकती हैं। इनमें सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि सरकार कैसे सुनिश्चित करेगी कि ऑफलाइन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे। डिजिटल सेवाओं ने बहुत हद तक मैनुअल प्रक्रियाओं में होने वाली गड़बड़ियों को कम किया है। इसके अलावा, ऑफलाइन प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की भी जरूरत होगी, जैसे कि अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति और ट्रेनिंग।
भविष्य की दिशा
फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी को ऑफलाइन करने की प्रक्रिया को लेकर सरकार ने अभी तक कोई ठोस योजना घोषित नहीं की है। हालांकि, यह घोषणा निश्चित रूप से जनता के लिए राहत की खबर है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो डिजिटल प्रक्रियाओं में कठिनाई महसूस करते हैं।
सरकार को इस दिशा में जल्द ही एक विस्तृत कार्ययोजना बनानी होगी, जिसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऑफलाइन प्रक्रिया भी उतनी ही प्रभावी और पारदर्शी हो जितनी कि डिजिटल प्रक्रिया। यह भी देखना होगा कि सरकार इस प्रक्रिया को कब और कैसे लागू करती है और इसके लिए क्या कदम उठाती है।

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