उत्तर प्रदेश में 10वीं और 12वीं पास बच्चों को फ्री में मिलेंगे लैपटॉप: मुख्यमंत्री फ्री लैपटॉप योजना
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में 10वीं और 12वीं पास उन छात्रों को मुफ्त लैपटॉप बांटे जाएंगे जिन्होंने 90% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। यह योजना मुख्यमंत्री फ्री लैपटॉप योजना के तहत लागू की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करना और उनकी शिक्षा में तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
जिला कलेक्टर (डीसी) साहब स्वयं छात्रों को लैपटॉप वितरित करेंगे। इस पहल से हजारों छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी उच्च शिक्षा और करियर में मदद मिलेगी।
सरकार ने कहा है कि यह कदम राज्य में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है और छात्रों को आधुनिक तकनीकी साधनों से सुसज्जित करना है। योजना के तहत, सभी पात्र छात्रों को अपने संबंधित स्कूलों या जिलों के शिक्षा विभाग से संपर्क करना होगा और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह पहल हमारे छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम चाहते हैं कि हमारे छात्र आधुनिक तकनीक से लैस हों और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।"
इस योजना के तहत, छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर सम्मानित किया जाएगा और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। छात्रों और अभिभावकों ने इस योजना की सराहना की है और इसे एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा है जो छात्रों की शिक्षा को नया आयाम देगी।
शिक्षा विभाग ने बताया कि इस योजना के तहत छात्रों को एक उपयोगकर्ता-मित्र लैपटॉप प्रदान किया जाएगा, जिसमें सभी आवश्यक शैक्षिक सॉफ्टवेयर और इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा होगी। यह लैपटॉप छात्रों को उनके अध्ययन, परियोजनाओं और शोध कार्यों में सहायता करेगा।
लैपटॉप वितरण कार्यक्रम की शुरुआत अगले महीने से होगी और प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से वितरण किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों और कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे अपने मेधावी छात्रों की सूची तैयार करें और समय पर विभाग को सौंपें।
सरकार की इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों को लाभ मिलेगा, जिससे शिक्षा में डिजिटल विभाजन कम होगा और सभी छात्रों को समान अवसर प्राप्त होंगे।
इस प्रकार, मुख्यमंत्री फ्री लैपटॉप योजना उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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